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दीवाली संदेश 2015



कल दीवाली का फेस्टिवल है । पुरे भारत में ही नहीं अपितु पुरे विश्व में यह तुहार पुरे उत्साह व् जोश के साथ मनाया जाता है इस रामायण की कथा से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है ।

१. माँ का आदेश पालन करना सबसे ऊचा होता है ।  

हम रामायण में देखते है के कैसे श्री राम जी आपने पिता के आदेश से चौदह वर्ष के बनवास में जाते है । पर यह तो वचन उनकी माँ कैकयी का था । वह यह साबित भी करना चाहते थे कि माँ आदेश ही पिता जी पालन करे रहे है । पर पिता जी की उन्हें अपने से दूर रखने की इच्छा नही है ।  पर उन्हें अपनी माँ का भी तो आदेश पालन करना था इस लिए वह चौदह वर्षों के लिए बनवास गए ।  हमे भी अपनी माता का आदेश पालन करना चाहिए । हमारी भारतीय संस्कृति में चार तरह की माताएं होती है । एक माता जिसने हमे जनम दिए । दूसरी माता जिसे हम मत्रभूमि कहते है । जहां हमारा जनम हुआ । तीसरी माता जिसका हम जल पीते है जिसे हम गंगा माता कहते है । चौथी माता जिस का हम दूध पीते है जिसे गौमाता कहते है । इन सबकी हमे सेवा करनी जरुरी है ।  यही सब कुछ श्री राम चन्द्र जी ने आपने आचरण दुवारा करके दिखाया ।



२. स्त्रियों का सम्मान  करना जरुरी है 


आज मुझे बहुत ही दुःख के साथ कहना पड़ रहा है के आज हम दिवाली को सिर्फ मनोरंजन के साधन के रूप में मना रहे है ।  हम बच्चों को बम पटके व् मिठाईना दे कर खुश कर रहे है ।  पर असली चीज तो इस समय उन यह ज्ञान देने की थी कि स्त्रियों का सामान करना चाहिए ।  आज के गंदे मीडया ने स्त्रियों को एक बेचने की चीज बना कर रख दिया है ।  गूगल जैसे इंटरनेट की कम्पनिया सब से ज्यादा स्त्रियों को अपमानित कर रही है ।  क्योकि उनकों चिंता अपनी एडवरटाइजिंग इनकम की है । उनकी पालिसी स्त्रियों के समान की प्रति खोखली है ।  अभी कुछ दिनों पहले मई कुछ सर्च कर रहा था तो यह देख कर दुखी हुआ कि गूगल एड्स में स्त्रियों की आपत्ति जनक एडवरटाइजर ने लगाई हुई थी । यह सब गलत हो रहा है ।  इस के इलावा सबसे गन्दा प्रदर्शन न्यूज़ वेबसाइट कर रही है । उनका मकसद भी सिर्फ पैसा ही कामना हो गया है ।  पर हम श्री राज जी के जीवन में देखते है कि उन्होंने अपनी पत्नी की इज्जत की रक्षा के लिए रावण जैसे बलशाली योद्धा से युद्ध लड़ा व् उसका उंट करके अपनी धर्मपत्नी सीता को वापस लाये । आज जितना स्त्रियों पर अतिचार हो रहा है उसके लिए हमारी गन्दी सोच जिमेवार है ।  हमारे सद ग्रंथों में आया है ।  जहाँ स्त्रियों का सम्मान होता है वह देवता निवास करते है ।  जहां स्त्रियों का सम्मान होता है वहां लक्ष्मी अर्थात धन की देवी का निवास होता है ।  

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