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हमारे बारे में


इस .वि . ट्यूशन  एक संगठन  है. जिस का उदेश्य  नि: शुल्क शिक्षा प्रदान करना  हैं हमारा संगठन  श्रेणी  1 से सभी उच्च श्रेणी के लिए सभी विषयों की नि: शुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए बना है हैं. हमारा उद्देश्य भी शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे  भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कार्य करना है |  आज भी है 2 +2 = 4, तो क्या कारण है कि  शिक्षा प्रदान करने की लागत उच्च दर बढ़ती जा रही है? इस का एक ही कारण है कि शिक्षा के क्षेत्र में भ्रष्ट कम्पनियां गुस गई है | व् आमिर बच्चों को तो शिक्षा दे रही है पर गरीब बच्चों का तो इससे कोई लाभ नहीं होने वाला | गरीब माँ बाप भी अपने बचों को उच्च शिक्षा देना चाहता है पर इस भर्ष्टाचार के कारण बेबस है | पर अब हम उनके साथ है |


हमारा मिशन है कि एक छात्र हमारे इस स्कूल में पहली कक्षा में दाखिला पाएगा और हम उसे  स्नातक स्तर की पढ़ाई   बिना लागत करायेगे |


हमारी टीम से मिले 

प्रो. विनोद कुमार इस. वि. ट्यूशन के संस्थापक है | जिन के जीवन का एक मात्र उदेश्य हर आम इंसान तक शिक्षा को निशुल्क  पहुचाना है | इसके इलावा इस टीम में डॉ मथुरा दस जी है | जो के इस संस्था के मुख्य सलाहकार है | वे केन्द्रीय विद्यालय में प्रिंसिपल रह चुके है | तथा २४ वर्षों से गरीब, यातिब तथा अनाथ बचों को किताबे, कापियां, वर्दियां तथा स्कूल की फीसे विद्यार्थी कल्याण परिषद के माद्यम से दे रहे है | तथा इस से हजारों बचों को लाभ पहुँचता है | इसके इलावा इस टीम में बहुत ही विद्वान अद्यापक है जो के आप को शिक्षा देने के लिए इकठे हुए है |  आप इनसे यहाँ मिल सकते हो | 

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शिक्षण क्या है |

इंग्लिश में शिक्षण को टीचिंग कहते है । जब एक गुरु अपने विद्यार्थी को ज्ञान देता है तो इसे ही शिक्षण कहा जाता है । प्राचीन कल से ही ऋषि मुनि शिक्षण का कार्य कर रहे है ।

१. सबसे पहले वे विद्यार्थों को अपना चरित्र सुधरने की शिक्षा देते है तथा कहते है हे प्रिये विद्यार्थों कभी भी अपना चरित्र मत खत्म करो । एक बार धन खत्म हो जाये तो फिर आ जाये गा , एक भार स्वास्थ्य चला जाये तो फिर आ जाये गा पर चरित्र  का विनाश हो  जाने से तो दुर्गति हि दुर्गति होती है । इस को सभालने के लिए रूप , शब्द, गंध , स्पर्श आदि मथुनों से रोका जाता है ।

२. चरित्र की शिक्षा  देने के बाद गुरु विद्यार्थी को अक्षर ज्ञान देता है । उसे संस्कृत , हिंदी , गणित , इतिहास , भूगोल तथा विज्ञानं की शिक्षा दी जाती है

३. उपरोक्त शिक्षा देने के लिए कक्षा एक से दस होती है । दस वर्ष तक गुरु शिष्य को अपने पास रखता है । गुरु उसके हरेक कार्य पर नजर रखता है ।

शिक्षण से अद्यापक विद्यार्थी की आंखे खोल देता है । अगर मेरे अद्यापक ने मुझे हिंदी न सिखाई होती तो मै आज  शिक्षण क्या है न लिख सकता । इस लिए शिक्षण के पेशे को सबसे अच्छा माना गया है क…

लेखांकन के उदेश्य क्या है (Objectives of Accounting in Hindi)

लेखाकंन के बहुत सारे उदेश्य है जीने हम नमन शब्दों में लिख सकते है ।  इन उदेश्यों को जानकारी प्राप्त कर लेने से आप इस क्षेत्र में आगे जा सकते हो |

बी. काम की शिक्षा के लिए नोट्स

प्यारे बी. काम के विद्यार्थयों, 

हम आप को निशुल्क बी. काम की शिक्षा नोट्स के माद्यम से देना चाहते है |  हमने आप के लिए पिछले पांच वर्षों में इस शिक्षा को आसान करने के लिए पर्यास किया है | उमीद है के निम्न दिए गए नोट्स को आप पडेगें | धन्यवाद